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जय शिव शम्भू

तुम बिन 🙏 .............. ,

Written by Neeha Shukla! ❤

मै कैसे जी रही तुम बिन ,आओ देख लो आकर,

मेरा जो हाल है जाना, आओ पूछ लो आकर,

यकीँ तुमने दिलाया था कि मेरी फ़िक्र करते हो,

क्यों ना महसूस हो हमको,,

मै कैसे जी रही तुम बिन आओ देखलो आकर,

मेरी चाहत, मेरा सपना, मेरे अपने, तुम्ही तो हो,

चाहें आजमा लो, मोहोब्बत को मेरी,

चाहें सजा दो ,मोहोब्बत को मेरी, मगर एक बार आ जाओ,,,

मै कैसे जी रही तुम बिन आओ देख लो आकर,

कहीं ऐसा ना हो जाये मै हारूं प्यार में जाना, मेरी दुनिया ही खो जाये,

मै ही हर बार क्यों समझूँ , भला तेरी बेरुखी को,

कभी तुम भी तो आ जाओ, मेरी दुनिया सजाने को,

मै कैसे जी रही तुम बिन, आओ देख लो आकर,

नहीं आना है, तो कह दो - मै सांसे भी तुम्हे दे दूँ,

और मुझे माफ तुम कर दो -,,,,,,🙏 -,,,,,,

मैंने सुना बस ,यही एक शब्द तेरे बारे में,,

तू सागर है, प्रियतम मेरे, तुझमे बसा है, " प्यार सब "

एक बूँद जो दे दे मुझे,, मै मर जाऊं तेरी गोद में,,,

बस एक ही दुआ ,मै मांगती मर जाऊं तेरी शरण में,

मै कैसे जी रही, "तुम बिन " आओ देखलो आकर,,

जहाँ मै प्यार को ढूनू, वो दुनिया तुम बसा दो,

यहाँ सब पत्थर बसते है, उन्हें तुम दिल बना दो,

यहाँ सब लोग कहते हैं, ये पागल है, दीवानी है,

ये इस दुनिया में, अंजनी कहानी है,

तुम कर दो मुझे पूरी,अपना बनाकर के,,

मै कैसे जी रही "तुम बिन" आओ देख लो आकर,

बस एक बार आ जाओ, मुझे भी साथ ले जाओ

🙏 "शिवोहम " 🙏 जय शिव शम्भू 🙏


मेरी जिंदगी .... Written by Neeha एक दिन जिंदगी से मुलाक़ात हो गयी, उस पल मेरी बेचैन धड़कन मेरे साथ हो गयी, ना जाने कौन सा वो पल था, मेरी बरसों से सूखी आँखों मे बरसात हो गयी, तब मेरी' जिंदगी से मुलाक़ात हो गयी, मैंने सोचा कौन हूँ मै, जिंदगी क्या चीज है, उसने बोला कानों में, सुन मै तो तेरी सांस हूं, मुझे लेना तेरा काम है, उस दिन मुझे आया समझ, मै हूं नहीं बस एक चेहरा, मै तो छुपी हूँ, " और कहीं " उसने कहा हंसकर मुझे, तुम-तो मेरा आशमाँ हो, और बारिशों से आयी हो, मै तो खड़ी यह सोंचती, "ये कौन है" मेरे कानों में कहे, मिश्री सी मन में घोलता, "यह कौन है " "यह कौन है " उसने मुझे बोला सुनो, अंदर चलो, अंदर चलो. और देखो अपने सागर को, जो तेरे ही मन में है छुपा, मै उसकी गहराई में हूं, क्यों ढूंढता मुझे है कहीं, महसूस कर, महसूस कर, मेरे साथ चल, मेरे पास चल, मै जाने कबसे था रुका ,, तेरी खोज में, तेरी प्यास में, मेरे साथ चल, मेरी जिंदगी मेरे पास चल,, उसने कहा ओ बेखबर, मुझे खोज मत महसूस कर, महसूस कर, मेरी जिंदगी महसूस कर,, मत जा मेरे होने पे, और मेरे शब्दों पे,, जाना मेरी महसूस कर, जो ना कहा, उसे सुन ले तू,,, जो है कहा उसे जान ले,,मै तेरा अख्श हूं, तेरे पास हूँ, तेरी रूह का विश्वाश हूँ, मत सुन मुझे महसूस कर, जो तेरे दिल धड़क रहा,, उस दिल की मै आवाज हूँ,,तू सुन मुझे बस ध्यान से, तेरा अक्स हूँ, तेरी सांस हूँ, मै तेरे सामने नहीं,, मगर तेरे आस - पास हूँ,, मै ही हूँ तेरी जिंदगी..

🙏 "शिवोहम "🙏 जय शिव शम्भू 🙏

गम........Written by Neeha shukla एक बार जब ,मैं घर से चला था , सफर वह नया था, उम्मीदें नयी थी। हमें क्या पता था,क्या खो कर चला था, क्या पाना था मुझको, मैं किसके घर चला था वही रास्तों पर मैं, गम से मिला था। वह पहली दफा था,वह पहली दफा था। मैं था खड़ा ..यह सोचता , क्या सोचकर चला था, किससे मिलने चला था? तो आया समझ में ..मैं अकेला था आया; अकेला चला था। मिले रास्तों पर बहुत लोग मुझको, पर उनके अंदर सभी के; मैं गम से मिला था। ना था हाथ कोई, जो मेरे पास होता उसी पल मैं दुनिया से, कट सा गया था। उन्हीं रास्तों पर मैं गम से मिला था। तब यह समझ सा आया था .. क्यों मैं बाहर चला था ? तो सोचा था मैंने ,यह पहली दफा मैं आया कहां से, कहां को चला था? उस पल मैंने ,देखा था खुद को। वो एक हाथ था, जिसने था मुझे थामा और कहने लगा था... तू मेरा था और मुझसे ही मिलने चला था। वो हाथ किसका था ..मैंने यह ना जाना ना ही वह पिता थे ; ना ही वह मां थी , ना पति था; ना बच्चे थे । वह तो सिर्फ तुम थे; मेरे अपने शिव थे। उनसे मिलकर था जाना, ना वो खुशी में थे ,ना वह मेरे गम में थे , वह तो मेरे ,हर पल में थे , वह तो सांसो में थे। मैं पागल उन्हें ,ढूंढती कहां थी, मैं पागल थी शिव! क्षमा चाहती हूं। 🙏 "शिवोहम "🙏 जय शिव शम्भू 🙏

"तुम्ही तुम हो " .....🙏

Written by Neeha Shukla! ❤

धरती से गगन तक, तुम्ही तुम हो, तुम्ही तुम हो,

बिछड़ने से मिलन तक, तुम्ही तुम हो, तुम्ही तुम हो,

बंधन से मुक्ति तक, तुम्ही तुम हो, तुम्ही तुम हो,

मेंरे दिल के धडकने तक, तुम्ही तुम हो, तुम्ही तुम हो,

मेरे हाथों कि मेहंदी में, तुम्ही तुम हो, तुम्ही तुम हो,

मेरी पायल के घूँघरु में, तुम्ही तुम हो, तुम्ही तुम हो,

मेरी यादों कि तड़पन में, तुम्ही तुम हो, तुम्ही तुम हो,

मेरे गानों कि सरगम में, तुम्ही तुम हो,

मेरे होठों कि लाली में, तुम्ही तुम हो,

मेरे माथे कि बिंदिया में, तुम्ही तुम हो,

मेरी मीठी सी बोली में, तुम्ही तुम हो,

मेरी आँखों के काजल में, तुम्ही तुम हो,,

मेरे कानों के झुमके में, तुम्ही तुम हो

मेरी चूड़ी कि छनछन में, तुम्ही तुम हो,

मेरे चलने कि आहट में, तुम्ही तुम हो,

मेरे आराम में हो, मेरी बेचैनी में हो,

मेरे हँसने में हो तुम, मेरे रोने में हो तुम,

मेरे गाने में हो तुम, मेरे सुनने में हो तुम,

मेरे सोने में हो तुम, मेरे जगने में हो तुम,

मेरे खाने में हो तुम, मेरे पीने में हो तुम,

मेरे जीने में हो तुम, मेरे मरने में हो तुम,

मेरे होने में हो तुम, और ना होने में हो तुम,

मेरे पल- पल में हो तुम, मेरे हर पल में हो तुम,

फूलों से महक तक, तुम्ही तुम हो, तुम्ही तुम हो ,

धरती से गगन तक,, तुम्ही तुम हो, तुम्ही तुम हो,❤

🙏 "शिवोहम "🙏 जय शिव शम्भू 🙏

"""""मेरा अपना""""""

Written by Neeha Shukla एक दुनिया जहाँ के पार भी है, वहाँ मेरा एक अपना सा कोई है शायद,! मेरी नजरें कभी उन तक पहुंची नहीं, मगर नजारों को है खबर, मेरा अपना है कहीं पर,! ढूढ़ने निकली थी मै, एक आसरा दिल के लिए, तब मुझे आया समझ यहाँ. दिल के काबिल कौन है,: जो रखे दिल को आँखों सा ; यहाँ कौन है, वो कौन है, जो हँसता हो मेरे साथ में और रोता मेरे साथ में, : बेचैनियां लेकर मेरी, चैन मुझसे बाँट ले वो कौन है,, जो ऐसा करके मुझको अपना मान ले,, राहों में कांटे बहुत है साफ उनको साथ करके, फूलों को वो आ बिछा दे कौन है, वो कौन है,वो, मेरा अपना कौन है,,, आँखों से देखूँ ना दिखे, पर दिल कहे वो पास है, वो मेरा अपना खास है, मैं ऐसे क्यों मानूं वो जाना, आओ और कह जाओ हमको, कि मेरे अपने तुम ही हो, बस तुम ही हो,,,, """"" शिवोहम """""

बेचैनियाँ लेकर मेरी, हमको दुआएँ दे गए,

पास वोह बैठें नहीं, पर दर्द मेरे ले गए,,

आँखों मे देखा नहीं, पर पोंछ कर आंसू गए,,

अपने नहीं थे वोह मेरे, पर साथी मेरे बन गए,

मैं तो उलझी डोर थी, वो पक्का धागा बन गए,,

उसने कहा हमको बता, जब तू गमो से था घिरा,

क्यों देखा नहीं मेरी तरफ, मैं तो तेरे साथ था,,

लाया था मैं मोती वहाँ, माला तुझे पहनाने को,

तूने पलट देखा नहीं ,तेरे लिए बस प्यार था,,

गले लगकर तू कह देता, मैं दुनिया यें लुटा देता,

पलटकर देखता..मुझको,,

तेरे होंठों को हंसना भी, मेरी जां मैं सिखा देता,,

शिवोहम ❤


""शिवोहम""जय शिव शम्भू,,, मेरे अपने🙏🏾

मोती से आंसू हैँ तेरे, लाखों की ये मुस्कान है,

लहजे मे तेरे आज भी, एक नयी सी शान है,,

जब भी मैं सजदा करूँ, हरपल मुझे ऐसा लगे,

तेरे लिए हरपल लिया, मैंने खुदा का नाम है,,

मेरा "राम" तू , मेरा "श्याम" तू ; मेरा देवों का देव "महादेव" तू,

जो मेरे दिल मे बस गया, सांसों से बंधती डोर तू,,

हर पल सुनू संगीत मैं, संगीत की वोह लय है तू,

तेरे लिए ना गा सकूँ, तेरे लिए ना नाचूं मैं,

तेरे लिए बस मैं कहूं, मेरे शब्द और अहसास यें,,

कागज पे, या दिल पर, लिखूं, उसकी वजह बस तुम बनो,

अहसास मेरे हैँ सभी, तुमसे जुड़े, तुमसे जुड़े,,

हांथो मे तेरा नाम हो, उसकी लकीरे बोलती,

ना तुम ख्वाबों मे रहो, ना ख्यालों मे रहो,

मैं चाहती हूं, बस यही, कि तुम ही मेरा मन बदलो,,

और उस मन मे, और मेरी हर सांस मे तुम रहो, बस तुम रहो,,❤

🙏🏾शिवोहम 🙏🏾 जय शिव शम्भू 🙏🏾




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